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नई दिल्ली में आयोजित ‘विश्व पुस्तक मेला 2026’ का समापन भव्य रूप से हुआ, लेकिन अंतिम दिन प्रगति मैदान के भारत मंडपम में कुछ स्टॉल्स पर किताबों की लूट की घटनाओं ने माहौल को बिगाड़ दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़भाड़ वाले स्टॉल पर लोग किताबें पाने के लिए एक-दूसरे पर झपट रहे हैं और शेल्फ से किताबें खींच रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ प्रकाशकों ने मुफ्त किताबें बांटने की घोषणा की थी, जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोग केवल किताबें बटोरने में लग गए।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी पैदा की हैं। यूजर्स ने इसे नागरिक बोध की कमी और सार्वजनिक आचरण पर सवाल उठाने वाला बताया। एक यूजर ने लिखा, "पाठक चोरी नहीं करते और चोर कभी पढ़ते नहीं," जबकि एक अन्य ने कहा कि अधिकांश लोग किताबों के प्रति रुचि नहीं रखते, केवल उन्हें इकट्ठा करना चाहते हैं। कई लोगों ने आयोजन में भीड़ प्रबंधन की कमी और बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।
विश्व पुस्तक मेला 2026 का यह 53वां संस्करण 18 जनवरी को संपन्न हुआ। उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कतर और स्पेन के संस्कृति मंत्रियों के साथ किया था। मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रकाशकों ने हिस्सा लिया। साहित्य प्रेमियों के लिए यह उत्सव यादगार रहा, लेकिन आखिरी दिन की यह घटना आयोजन की छवि के लिए कड़वी याद छोड़ गई।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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