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उत्तर प्रदेश के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना में देरी पाए जाने पर केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी CM ने विभागीय अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं और कहा कि शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के व्यय की विस्तृत स्थिति भी पेश की गई। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कुल 709.88 करोड़ रुपये के बजट में से 431.03 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 215.19 करोड़ रुपए तक का व्यय 7 जनवरी तक किया जा चुका है। डिप्टी CM ने व्यय की गति तेज करने और स्वीकृत धन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बचत धनराशि का इस्तेमाल जनहितकारी कार्यों में किया जाएगा। इसके अलावा मानक के अनुरूप कार्य न करने या अनावश्यक देरी करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी CM ने जोर देकर कहा कि विकास से जुड़े कार्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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