Video

Advertisement


JNU प्रोफेसर ने प्रदूषण उत्सर्जन कर की आवश्यकता पर जताई सहमति
Dehli ,JNU professor,  agrees ,  pollution emission tax

दिल्ली और उत्तर भारत में वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुकी है, खासकर ठंड और घने कोहरे के दौरान हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक गिर जाती है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की अर्थशास्त्र प्रोफेसर संगीता बंसल ने अहमदाबाद विश्वविद्यालय में आयोजित 7वें वार्षिक आर्थिक सम्मेलन में कहा कि किसी क्षेत्र में वायु प्रदूषण केवल कारखानों या वाहनों की वजह से नहीं होता, बल्कि मौसम और भौगोलिक बनावट भी बड़ी भूमिका निभाती है। उन्होंने इंडो-गंगा के मैदान को 'वैली इफेक्ट' से ग्रस्त बताते हुए समझाया कि यहां पैदा होने वाला प्रदूषण बाहर नहीं फैलता और लंबे समय तक हवा में रहता है।

 

प्रोफेसर बंसल ने यह भी सुझाव दिया कि भारत में उत्सर्जन पर अभी तक कोई सीधा कर (एमिशन टैक्स) नहीं है, और सरकार को इसे लागू करना चाहिए। उनका कहना था कि ज्यादा प्रदूषित क्षेत्रों, जैसे इंडो-गंगा के मैदान, में उत्सर्जन पर अधिक टैक्स लगाना चाहिए। इससे कंपनियों को संवेदनशील इलाकों में फैक्ट्री लगाने में खर्च बढ़ेगा और वे कम संवेदनशील क्षेत्रों की ओर रुख करेंगी, जिससे कुल मिलाकर प्रदूषण में कमी आएगी और लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा बेहतर होगी।

Priyanshi Chaturvedi 12 January 2026

Comments

Be First To Comment....

Page Views

  • Last day : 8796
  • Last 7 days : 47106
  • Last 30 days : 63782
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.