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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस्लामिक प्रचारक मौलाना शम्सुल हुदा खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उस पर धार्मिक शिक्षा की आड़ में कट्टरपंथ फैलाने और अवैध फंडिंग में शामिल होने का आरोप है। यह पहला मामला है, जिसमें विदेश में रह रहे किसी धार्मिक उपदेशक के खिलाफ PMLA के तहत कार्रवाई की गई है। ED यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश एटीएस की एफआईआर के आधार पर कर रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आजमगढ़ में जन्मा शम्सुल हुदा खान मदरसा नेटवर्क और अपनी NGO के जरिए फंड जुटाकर कट्टरपंथी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा था। उसने आजमगढ़ और संत कबीर नगर में दो मदरसे स्थापित किए थे, जिनका पंजीकरण बाद में रद्द कर दिया गया। आरोप है कि वह NGO के माध्यम से मदरसों को फंड भेजता था और इस फंडिंग के जरिए संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
ED की जांच में यह भी सामने आया है कि शम्सुल हुदा खान ने वर्ष 2013 में ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली थी, इसके बावजूद वह भारत आता-जाता रहा और 2013 से 2017 के बीच भारत में शिक्षक के रूप में वेतन भी लेता रहा। सूत्रों के अनुसार, उसके पाकिस्तान सहित कुछ अन्य देशों में कट्टरपंथी संगठनों से संपर्क थे। अब ED उसके फंडिंग नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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