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भोपाल की सीबीआई विशेष अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ मैसूर के ब्रॉच मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर और दो बिल्डरों को 3 साल कैद और 5 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला सोमवार को विशेष न्यायाधीश रविन्द्र कुमार भद्रसेन ने सुनाया। मामला वर्ष 2006 से वर्ष 2009 के बीच रायसेन रोड भोपाल स्थित स्टेट बैंक ऑफ मैसूर शाखा का है। सीबीआई को शिकायत मिली थी कि बैंक के तत्कालीन ब्रॉच मैनेजर एएस हेगड़े, असिस्टेंट मैनेजर रविन्द्र कुमार ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कुल 21 हाउसिंग लोन स्वीकृत किए हैं। दोनों ही बैंक अधिकारियों ने तनुश्री होम्स के प्रोपराइटर रवि साहू और राजकुुमार राय के साथ षडयंत्र कर किसी अन्य व्यक्तियों के नाम पर हाउसिंग लोन स्वीकृत करा लिए थे। लोन स्वीकृति की राशि सीधे तनुश्री होम्स के खाते में चली जाती थी। इसके लिए आरोपियों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोन आवेदन के साथ लगा दिए जिनकी जांच किए बगैर ही लोन स्वीकृत कर दिए गए। सीबीआई ने शिकायत के आधार पर 21 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए थे। जांच में पता चला था कि तनुश्री होम्स का असली मालिक राजकुमार राय था जबकि रवि साहू उसके यहां पर कर्मचारी था। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों में रवि साहू को ही तनुश्री होम्स का प्रोपराईटर बताया था।
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