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नई दिल्ली । कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को केरल की वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया। इस पर अपनी प्रतिक्रिया में भाजपा के वरिष्ठ नेता राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस ने वायनाड सीट पर एक बार फिर पैराशूट कैंडिडेट उतारा है। यह वायनाड के लोगों की आंखों में फिर से धोखा देने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है। उन्हें नहीं लगता कि वायनाड के लोग फिर से बेवकूफ बनने के लिए तैयार हैं।
राजीव चंद्रशेखर ने नई दिल्ली में मीडिया से कहा कि वायनाड की जनता इस बार मूर्ख नहीं बनेगी। एनडीए ने एक बहुत ही सक्षम, गतिशील, मेहनती उम्मीदवार नव्या हरिदास को मैदान में उतारा है। उनके पास एक परामर्शदाता के रूप में जनता की सेवा करने का एक सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि वायनाड में राहुल गांधी ने पिछले पांच सालों तक कुछ नहीं किया। प्रियंका भी उसी परंपरा का पालन करती रहेंगी। वायनाड की जनता निश्चित रूप से नव्या हरिदास का समर्थन करेगी। वह केरल से हैं, मलयालम भी बोलती हैं और वह वायनाड के लोगों के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रियंका गांधी केरल से नहीं हैं, मलयालम नहीं बोलती हैं, उन्हें नहीं पता कि वहां क्या समस्याएं हैं। वे अपने भाई की जगह वायनाड से लड़ने जा रही हैं, जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में वायनाड के लिए कुछ नहीं किया।
इससे पहले पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने वायनाड से उपचुनाव के लिए प्रियंका को मैदान में उतारा है। उन्हें स्थानीय आबादी से किसी को टिकट देना चाहिए था। उन्होंने स्थानीय लोगों को क्यों नहीं टिकट दिया? वहां की 'आबादी' को उसका 'हक' नहीं मिलेगा, केवल 'परिवार' को उसका 'हक' मिलेगा क्योंकि कांग्रेस एक पारिवारिक कंपनी है, यह एक पार्टी नहीं है। यह एक परिवार की संपत्ति है। एक बात साफ है, कांग्रेस वहां चुनाव लड़ेगी, लेफ्ट भी वहां चुनाव लड़ सकता है। उसने राहुल गांधी के खिलाफ भी चुनाव लड़ा था। तो असली इंडी गठबंधन कौन सा है? यह कैसा गठबंधन है जहां वे एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं?
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