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भाेपाल । मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आरिफ अकील का निधन हो गया है। 72 वर्षीय नेता लंबे समय से बीमार चल रहे थे। हृदय में परेशानी के कारण उन्हेंं उपचार के लिए राजधानी के अपोलो सेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। जहां साेमवार सुबह उन्हाेंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर है।
दिवंगत नेता के विधायक बेटे आतिफ अकील ने बताया कि रविवार शाम को सीने में दर्द की शिकायत होने पर अपोलो सेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा था। पिछले वर्ष ही आरिफ अकील को हृदय संबंधी बीमारी हुई थी। इसके बाद उनकी सर्जरी करनी पड़ी थी। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद उन्होंने खुद चुनाव लड़ने की बजाय अपने बेटे आतिफ को चुनावी मैदान में उतारने की बात कही थी। बेटे के चुनाव प्रचार में भी अस्वस्थ होने के बावजूद में शामिल हुए थे। वे पूरे समय जीप और व्हीलचेयर से वोट मांगने निकले थे।
आरिफ अकील 1990 में भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। वे इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़े थे। सन 1998 से लेकर 2018 तक इस सीट पर आरिफ अकील ही जीतते रहे। इस सीट से 6 बार विधायक रहने के बाद इस बार उनके बेटे इस सीट से जीते। कमल नाथ सरकार में वे मंत्री रहे। उन्हें अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण के लिए लगातार कार्य किए। आरिफ अकील को ‘शेरे भोपाल’ कहा जाता है। इसकी वजह है - दो दशक से हर कोशिश करने के बाद भी भाजपा उनका अभेद किला भोपाल उत्तर नहीं ढहा पाई। लोग कहते हैं कि ‘आरिफ भाई काम में भेदभाव नहीं करते। उनका मानना था कि जो मेरे पास आ गया वो मेरा है।
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