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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिन रविवार को अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें कहा गया कि राम मंदिर अगले 1,000 वर्षों के लिए भारत में ‘रामराज्य’ की स्थापना का संकेत है। इससे पहले जय श्री राम के नारे के बीच राम मंदिर के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन किया गया।
राष्ट्रीय अधिवेशन में राम मंदिर पर प्रस्ताव पेश करते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार रामराज्य की स्थापना की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।
प्रस्ताव में कहा गया है कि प्राचीन पवित्र नगरी अयोध्या में उनकी जन्मस्थली पर भगवान राम के भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण देश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि है। यह एक नए 'कालचक्र' की शुरुआत के साथ अगले एक हजार वर्षों के लिए भारत में 'रामराज्य' की स्थापना का सूत्रपात है। राम मंदिर भारत की दृष्टि, दर्शन, पथ का प्रतीक है। श्रीराम मंदिर सचमुच राष्ट्रीय चेतना का मंदिर बन गया है। संस्कृति के प्रति जागरूक इस देश के प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक क्षण को भव्यता प्रदान की और उत्सव का माहौल बनाया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी का संकल्प था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने। नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मोदी सरकार ने बिना किसी देरी के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया, जिसके परिणामस्वरूप श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से हुआ। तेज गति और मात्र चार वर्ष के भीतर 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई।
प्रस्ताव में कहा गया है कि संकल्प से परिपूर्ण प्रधानमंत्री मोदी अमृत काल के इस युग में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की एकता और एकजुटता को जनभागीदारी की शक्ति मिली है। उन्होंने अपनी नीतियों और नेतृत्व से देश का मनोबल बढ़ाया है।
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