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गौ-वंश में लम्पी स्किन डिज़ीज़ की रोकथाम के लिये प्रदेश में प्रतिदिन की मॉनीटरिंग के फलस्वरूप बीमारी का प्रकोप पिछले 15 दिनों में कम होता दिख रहा है एवं स्थिति नियंत्रण में है। प्रदेश में अब तक 51 लाख 10 हजार 864 पशुओं का एलएसडी रोग प्रतिबंधात्मक टीकाकरण किया जा चुका है। संदिग्ध पशुओं का सतत उपचार जारी है। प्रदेश में एलएसडी वैक्सीन की 44 लाख डोज और पर्याप्त मात्रा में दवाइयाँ उपलब्ध हैं।प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री गुलशन बामरा ने बताया कि भोपाल जिले में लम्पी बीमारी के प्रथम प्रकरण की सूचना 25 अगस्त 2023 को मिली थी, जिसकी पुष्टि 31 अगस्त को राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा प्रयोगशाला द्वारा की गई। विगत एक माह में भोपाल जिले में कुल 43 पशु प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 35 के स्वास्थ्य में सुधार हो चुका है। वर्तमान में एलएसडी से पीड़ित 8 पशु उपचाररत हैं।संक्रमित पशुओं को पशु आश्रय स्थल 'आसरा' में क्वारेंटाइन कर उपचार किया जा रहा है। भोपाल नगर निगम द्वारा लम्पी संदिग्ध पशुओं को रखने की अस्थाई व्यवस्था (क्वारेंटाइन सेंटर) नबी बाग के कांजी हाउस में बनाये जाने के भी प्रयास किये जा रहे हैं। इसमें पशुओं के उपचार का कार्य पशुपालन विभाग द्वारा किया जायेगा।में लम्पी स्किन डिज़ीज़ की रोकथाम के लिये प्रदेश में प्रतिदिन की मॉनीटरिंग के फलस्वरूप बीमारी का प्रकोप पिछले 15 दिनों में कम होता दिख रहा है एवं स्थिति नियंत्रण में है। प्रदेश में अब तक 51 लाख 10 हजार 864 पशुओं का एलएसडी रोग प्रतिबंधात्मक टीकाकरण किया जा चुका है। संदिग्ध पशुओं का सतत उपचार जारी है। प्रदेश में एलएसडी वैक्सीन की 44 लाख डोज और पर्याप्त मात्रा में दवाइयाँ उपलब्ध हैं।प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री गुलशन बामरा ने बताया कि भोपाल जिले में लम्पी बीमारी के प्रथम प्रकरण की सूचना 25 अगस्त 2023 को मिली थी, जिसकी पुष्टि 31 अगस्त को राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा प्रयोगशाला द्वारा की गई। विगत एक माह में भोपाल जिले में कुल 43 पशु प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 35 के स्वास्थ्य में सुधार हो चुका है। वर्तमान में एलएसडी से पीड़ित 8 पशु उपचाररत हैं।संक्रमित पशुओं को पशु आश्रय स्थल 'आसरा' में क्वारेंटाइन कर उपचार किया जा रहा है। भोपाल नगर निगम द्वारा लम्पी संदिग्ध पशुओं को रखने की अस्थाई व्यवस्था (क्वारेंटाइन सेंटर) नबी बाग के कांजी हाउस में बनाये जाने के भी प्रयास किये जा रहे हैं। इसमें पशुओं के उपचार का कार्य पशुपालन विभाग द्वारा किया जायेगा।
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