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देश में गौ हत्या को लेकर कानून बनाए गए है.और कर्नाटक में तो गोहत्या पर प्रतिबंध है। इसको लेकर नई सरकार में पशुपालन मंत्री के वेंकटेश का कहना है कि, जब भैसों को काटा जा सकता है तो गायों को क्यों नहीं।मंत्री ने यह बयान गोहत्या सरंक्षण कानून में बदलाव का संकेत देते हुए दिया है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार गोहत्या की रोकथाम और मवेशियों के संरक्षण विधेयक, 2020 में संशोधन करने पर विचार कर रही है। यह विधेयक 2021 में भाजपा सरकार द्वारा लाया गया था।पशुपालन मंत्री ने अपने तर्क को सही ठहराने के लिए कहा कि किसान के पास बूढ़े हो चुके मवेशियों को रखने और मृत पशुओं को ले जाने की समस्या होती है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में उनके फार्महाउस में मरी हुई गाय को निकालने में उन्हें कुछ कठिनाई का सामना करना पड़ा था।मौजदा कानून क्या कहता हैबीएस येदियुरप्पा की पिछली भाजपा सरकार ने 1964 के अधिनियम में संशोधन करते हुए 2010 और 2012 में दो विधेयक पेश किए थे। 2014 में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा बिल वापस ले लिए गए थे। नए बिल में गाय, गाय के बछड़े, बैल और 13 साल से कम उम्र के भैंस की हत्या पर प्रतिबंध है।फरवरी 2021 में, विपक्षी सदस्यों द्वारा विधेयक की प्रतियों को फाड़ने के हंगामे के बीच, कर्नाटक गोवध निवारण और मवेशी संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2020 को विधान परिषद में ध्वनि मत से पारित किया गया था।
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