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विश्व में शनि देव की पूजा आराधना करने वाले लाखों भक्त हैं.नौ ग्रहों में से एक शनि देव ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर ही अवतरित हुए थे। शनि देव नौ ग्रहों के न्यायाधीश हैं इसलिए इस दिन शनि जयंती पूरे देश में धूमधाम से मनाई जा रही है। शहर के दादाजी मंदिर रोड स्थित भगवान शनिदेव के प्राचीन मंदिर में सुबह से श्रद्वालु पहुंचने लग गए। शनि महाराज की प्रतिमा पर तेल अर्पित कर शनि विग्रह को शीतलता प्रदान करने की प्रार्थना की। शनि मंदिर के बाहर कुन्बी आवार में भंडारा प्रसादी का आयोजन हुआ। जहां से दोपहर 12 बजे से लगातार भोजन प्रसादी वितरित की जा रही है। शनि मंदिर के पुजारी सोनू शर्मा के अनुसार शनि जयंती पर भक्तों द्वारा 100 लीटर से ज्यादा तेल भगवान को अर्पित किया जाता है। खास बात यह है कि, अमावस्या ही ऐसा दिन है, जिस दिन शनिदेव जी की मुख्य प्रतिमा पर तेल अर्पित होता है। बाकी पूरे साल मंदिर के बाहर रखी प्रतिमा पर तेल अर्पित होता है। शनि जयंती के दिन शाम के समय भजन-कीर्तन होगा। वहीं रात में भगवान शनिदेव जी का जन्मदिन केक काटकर मनाया जाएगा।
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