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छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर पहली बार तिरंगा फहराया गया। यह इलाका लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। 15 अगस्त को यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने को सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्र में बदलते हालात के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी पहुंचे और उन्होंने करीब 600 किलोमीटर की बाइक यात्रा के बाद क्षेत्र में तिरंगा फहराया।
करेगुट्टा और आसपास के इलाकों में लंबे समय तक सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच संघर्ष की स्थिति रही है। अब सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने और नक्सल प्रभाव कम होने के बाद इन क्षेत्रों में सरकारी और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर भी लोगों की भागीदारी रही।
इस घटनाक्रम को बस्तर के उन गांवों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जहां लंबे समय तक सामान्य प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित रही थीं। प्रशासन की कोशिश अब सुरक्षा के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य नागरिक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की है। कर्रेगुट्टा पर तिरंगा फहराने की घटना इसी बदलते माहौल का प्रतीक बनी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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