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जहांगीराबाद के 22 वर्षीय युवक मोनू यादव की हत्या कोलार इलाके के स्वर्ण जयंती पार्क में उसके ही दोस्त ने सिर्फ 5 हजार रुपए के लिए की थी। मोनू का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने आरोपी को दिए रुपए वापस मांग लिए थे। पुलिस ने फोटो के आधार पर आरोपी को रविवार देर रात उसके घर से दबोच लिया। यह खुलासा पुलिस ने कंट्रोल रूम में किया।
टीआई प्रीतम सिंह के अनुसार जहांगीराबाद निवासी मोनू यादव (24) पिता भगवान यादव हंस डिजिटल में पेटीएम केवायसी करने का काम करता था।
उसका दोस्त हरियाणा, हिसार निवासी 23 वर्षीय नवीन कुमार शर्मा उर्फ राहुल प्राइवेट जॉब करता था। वह 2015 से भोपाल में था। उसने यहीं पर शादी कर ली थी। वह टीएमडब्लू में त्रिलंगा में नौकरी करता था। आर्थिक तंगी के चलते नवीन ने मोनू से 5 हजार रुपए उधार लिए थे, जिसे मोनू बार-बार वापस मांग रहा था।
गत 26 जून को नवीन केवायसी के काम कराने के बहाने मोनू को अपने साथ स्वर्ण जयंती पार्क ले गया, जहां उधारी को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। यहां नवीन ने मोनू के साथ जमकर मारपीट की और उसके सिर पर पत्थर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद उसने चेहरे को पत्थर से कुचलकर बिगड़ दिया, ताकि उसकी शिनाख्त न हो पाए। वारदात के बाद आरोपी हिसार भाग गया।
पुलिस को मोनू का शव 27 जून की दोपहर मिला था। शिनाख्ती होने के बाद सामने आया कि मोनू ने घर से निकलने के बाद दोपहर में एक फोटो अपनी बहन के वाट्सएप पर भेजी थी। पुलिस आशंका जता रही है कि मोनू को नवीन के इरादों की भनक लग गई थी, इसलिए उसने फोटो वाट्सएप की थी। इसी फोटो की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंच पाई। पुलिस ने आरोपी के पास से मोनू का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
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