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यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल(UNSC) की मीटिंग में चीन, रूस और अमेरिका आमने-सामने नजर आए। नॉर्थ कोरिया की मिसाइल टेस्टिंग को लेकर हुई बैठक में रूस-चीन ने अमेरिका पर किम जोंग को भड़काने का आरोप लगाया। वहीं अमेरिका ने रूस-चीन पर नॉर्थ कोरिया को प्रतिबंधों से बचाकर उसका हौसला बढ़ाने का जिम्मेदार ठहराया।दरअसल, 16 मार्च को नॉर्थ कोरिया ने सबसे बड़ी ह्वासोंग-17 इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की थी। जिसके बाद UNSC की 15 सदस्यीय काउंसिल ने मीटिंग बुलाई। नॉर्थ कोरिया पर 2006 से UN ने मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम्स को लेकर प्रतिबंध लगा रखे हैं।मीटिंग के दौरान चीन-रूस ने अमेरिका और साउथ कोरिया पर जॉइंट मिलिट्री ड्रिल करके नॉर्थ कोरिया को उकसाने का आरोप लगाया है। दोनों देशों के डिप्टी ऐंबैस्डर ने जॉइंट मिलिट्री ड्रिल के डिफेंसिव होने पर सवाल उठाते इसे बढ़ते तनाव का जिम्मेदार ठहराया। वहीं अमेरिकी ऐंबैस्डर लिंडा ग्रीनफील्ड ने कहा- ये मिलिट्री ड्रिल्स जनरल रूटीन का हिस्सा थीं। अलग-अलग देश साथ मिलकर ऐसी ट्रेनिंग करते रहते हैं। ये पूरी तरह से डिफेंसिव थी। हम नॉर्थ कोरिया के खिलाफ काम नहीं कर रहे हैं।इसके अलावा रूस-चीन ने अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बीच AUKUS डील को लेकर भी परमाणु चिंताएं व्यक्त कीं। इस डील के तहत ऑस्ट्रेलिया ब्रिटेन की मदद और अमेरिका की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके सबमरीन बनाएगा। अमेरिका और ब्रिटेन ने डील को लेकर सभी आरोप खारिज कर दिए। दोनों देशों ने बताया कि ये डील न्यूक्लियर वेपन ट्रीटी का उल्लंघन नहीं करती है। वहीं नॉर्थ कोरिया के अवैध परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम UNSC के कई प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं और इसकी तुलना AUKUS डील से नहीं की जानी चाहिए।
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